मैंने आजाद कर दिया,
हर वो रिश्ता हर वो इंसान,
जो सिर्फ अपने मतलब के लिए
मेरे साथ था !
तुझे पाने की तमन्ना दिल से निकाल दी मैंने,
मगर आँखों को तेरे इंतज़ार की आदत सी बन
गई हैं

